Start New Blog – in Hindi

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नया ब्लॉग कैसे शुरू करें? How to Start a New Blog?

नये ब्लागरों को अकसर दुविधा रहती है कि नए हिंदी ब्लॉग की शुरुआत कहाँ से की जाए और उसके लिए क्या-क्या करना पड़ता है? इस लेख में हम समझेंगे कि नए हिंदी ब्लॉग की स्थापना कैसे की जाए ( How to Start a New Blog in Hindi) और उसे कैसे चलाया जाए। हिंदी में ब्लॉग बनाना किसी भी अन्य भाषा में ब्लॉग बनाने जितना ही आसान है, जिसके लिए आपको अपने ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म की सेटिंग्स में थोड़ा सा बदलाव करना होता है।

कौन से ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म में कहाँ और कैसे बदलाव करना है? यह हम चरणबद्ध (स्टेप-बाय-स्टेप) तरीकों से समझेंगे। अंत में हम विभिन्न प्रकार के ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्स को भी समझेंगे और उनके फायदे और नुकसान भी जानेंगे।

नया ब्लॉग बनाने के लिए आपको न्यूनतम तकनिकी ज्ञान की आवश्यकता है, यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर पाते हैं और आपके पास Domain Name और Bluehost जैसी कोई सस्ती Web Hosting पर आपका होस्टिंग एकाउंट है तो इतना काफी है आपका अपना नया ब्लॉग बनाने के लिए. तो चलिए बिना अधिक समय गंवाए जानें की ब्लॉग कैसे बनता है?

 

नया ब्लॉग शुरू करने का Step-by-Step तरीका :

 

 

हम शुरुआत करेंगे ब्लॉग बनाने के एक चरणबद्ध तरीके से, आप निचे दिए गए चरणों का अनुसरण कर 30 मिनट से भी कम समय में एक सफल ब्लॉग शुरू कर सकते हैं। इस पाठ में हमने कोशिश की है कि आपको सरल और गैर तकनिकि भाषा में ब्लॉग बनाना सिखाएं। आशा है आपको ये मार्गदर्शिका पसंद आएगी।

कुल समय: 30 minutes

 

स्टेप#1 – डोमेन नाम रजिस्ट्रेशन (Domain Registration)

 

 

सबसे पहले आपको अपने ब्लॉग के लिए डोमेन नाम रजिस्टर (Register Domain) करना होता है। डोमेन नाम आपके ब्लॉग की मूल पहचान होता है। जिस प्रकार हमारे ब्लॉग का डोमेन नाम hindi.blog है ठीक वैसे।

पाठक और गूगल सर्च इंजन आपके डोमेन नाम को खोज कर ही आप के ब्लॉग तक पहुँचते हैं। डोमेन नाम का चयन करते समय कोशिश करें की उसका सम्बन्ध आपके ब्लॉग के विषय से जुड़ा हो। यह भी ध्यान रहे की डोमेन नाम शार्ट और आसानी से याद रह जाने लायक हो।

डोमेन रजिस्ट्रेशन का वार्षिक खर्च 500 से लेकर 800 रुपए तक होता है। डोमेन नाम रजिस्टर करने के लिए आप GoDaddy, Epik, NameSilo या Namecheap जैसे किसी डोमेन रजिस्ट्रार की सेवाएं ले सकते हैं। ये चुनिंदा रजिस्ट्रार सस्ते और सुलभ डोमेन रजिस्टर करने में आपकी मदद करेंगे।

यदि आपको मुफ़्त में डोमेन नाम चाहिए तो आप सीधे Bluehost, Hostinger या Hostgator से वेब होस्टिंग पैकेज खरीद सकते हैं जहाँ आपको डोमेन का सालाना खर्च अलग से नहीं देना होगा। इस विषय में ज्यादा जानकारी अगले स्टेप में दी गई है।

 

स्टेप#2 – वेब होस्टिंग (Web Hosting)

 

 

 

डोमेन नाम रजिस्टर करने के बाद अगला चरण आता है आपके ब्लॉग को ऑनलाइन ले जाने का। आपके ब्लॉग की सभी सामग्री (जैसे लेख, फ़ोटो, वीडियो, डेटा आदि) को किसी वेब होस्टिंग सर्वर पर रखना होता है। वेब होस्टिंग अर्थात ऐसा कंप्यूटर नेटवर्क सर्वर जो 24 घंटे इंटरनेट से जुड़ा रहता हो।

आप जैसे नए ब्लॉगर को डोमेन नाम रजिस्ट्रेशन का खर्च बचाना हो तो आपके लिए यह सलाह है। आपको Bluehost, Hostinger या Hostgator जैसी किसी प्रसिद्ध वेब होस्टिंग कम्पनी का 1 वर्ष या उससे अधिक अवधि का होस्टिंग पैकेज खरीदने पर मुफ़्त में डोमेन मिल जाता है। जब तक आप उस कंपनी की होस्टिंग सेवा लेंगे तब तक आपको डोमेन के लिए कोई अलग वार्षिक कीमत नहीं चुकानी होगी।

वेब होस्टिंग पैकेज की शुरुआत न्यूनतम 100-200 रूपये लगभग प्रति महीना से शुरू हो कर आवश्यकता अनुसार बढ़ती रहती है। एक अच्छे ब्लॉग के लिए न्यूनतम दरों वाली वेब होस्टिंग काफी होती है।

 

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स्टेप#3 – वर्डप्रेस इनस्टॉल करें (Install WordPress)

 

 

 

वेब होस्टिंग पैकेज खरीदने के बाद आप जब अपने वेब होस्टिंग अकाउंट में लॉगिन करेंगे तो आपको वर्डप्रेस (WordPress) इंसटाल करना होगा। वेब होस्टिंग अकाउंट में आपको वर्डप्रेस का 1-Click-Install या Softaculous इंस्टालर ये सुविधा प्रदान करता है।

वर्डप्रेस अपने आप में दुनिया का सबसे सरल और सुगम कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम (CMS) है जिसके द्वारा आसानी से ब्लॉग, वेबसाइट या ई-कॉमर्स स्टोर बनाएं जा सकते हैं। आज के समय में इंटरनेट पर मौजूद 37 प्रतिशत वेबसाइट वर्डप्रेस में ही बनीं हैं। यह मुफ्त है और इसमें तरह -तरह के डिज़ाइन बनाएं जा सकते हैं।

हमारा ब्लॉग भी वर्डप्रेस पर ही बना है।

 

स्टेप#4 – थीम व प्लगइन इनस्टॉल करें (Install Theme & Plugins)

 

वर्डप्रेस इनस्टॉल हो जाने के बाद आप अपने ब्लॉग की थीम (डिज़ाइन) और कुछ प्लगइन इनस्टॉल करें। जिससे आपका ब्लॉग एक अलग और व्यवस्थित रूप में स्थापित हो सके।

WordPress की वेबसाइट पर हज़ारों थीम (Themes) और प्लगइन (Plugins) मुफ्त में उपलब्ध हैं।

थीम (Theme) आपके ब्लॉग की साज़ सज्जा व्यवस्थित करने के काम आती हैं और प्लगइन (Plugin) आपके ब्लॉग में नए फंक्शन जोड़ते हैं। उदहारण के लिए SEO, एंटी स्पैम टूल्स आदि कुछ जरुरी प्लगइन हैं जो हर ब्लॉग पर होने चाहियें।

 

स्टेप#5 – ब्लॉग पर लिखना शुरू करें (Start Writing on your blog)

 

 

जब आप आवश्यकता अनुसार थीम और प्लगइन आदि इंसटाल कर अपने ब्लॉग का आधारभूत ढांचा तैयार कर चुके होंगे तब आप को ब्लॉग पर लिखना शुरू करना होगा।

आप अपने ब्लॉग पर अपने मनपसंद विषय पर लिखें और निरंतर लिखें। निरंतर लिखने से हमारा तात्पर्य है की आप शुरू में कम से कम एक साप्ताहिक पोस्ट अवश्य लिखें। अकसर देखा गया है की लोग शुरू में दो चार पोस्ट लिख कर ही अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक (पाठकों) की राह देखने लगते हैं। पर संतुलित ट्रैफिक के लिए आप को लगभग 6 महीने तक साप्ताहिक पोस्ट लिखने होंगे।

धीरे धीरे ही आपके ब्लॉग की प्रसिद्धि होगी और नियमित पाठकों का आना शुरू होगा। अच्छे लेखन को ही पाठक मिलते हैं, चलताऊ लेखन से परहेज करें।

ज्यादा पोस्ट लिखने के चक्कर में बहुत से नए ब्लॉगर कुछ भी अंट-शंट लिखना शुरू कर देते हैं। वह ज्यादा कारगर तरीका नहीं हैं लिखने का। कोशिश करें की आप वही लिखते हैं जो पाठकों को रुचिकर लगता हो।

 

स्टेप#6 – ब्लॉग का SEO करें (Do SEO of your blog)

 

 

SEO अर्थात सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन आज के समय में ब्लॉग पर ट्रैफिक लाने के लिए एक आवश्यक टूल है। SEO करने के लिए आपको किसी प्लगइन की मदद लेनी पड़ती है। कुछ अच्छे SEO प्लगइन हैं जैसे Yoast SEO , Rank Math और All in One SEO Pack आदि।

SEO की मदद से आप अपने ब्लॉग को गूगल सर्च परिणामों में अच्छी रैंक दिलवा सकते हैं। SEO अपने आप में एक बड़ा विषय है जिसके बारे में आप इस ब्लॉग पर अन्य पोस्टों में भी पढ़ सकते हैं।

 

स्टेप#7 – ब्लॉग की सोशल मीडिया मार्केटिंग करें (Do Social Media Marketing of your blog)

 

 

सोशल मीडिया आज के समय में प्रचार का अच्छा माध्यम है, इससे ब्लॉग्गिंग जगत भी अछूता नहीं है। एक सफल ब्लॉगर को चाहिए की वह अपने ब्लॉग का फेसबुक पेज/ग्रुप , इंस्टाग्राम हैंडल, ट्विटर हैंडल बनाएं।

इनके अलावा भी कुछ अन्य माध्यम हैं जैसे व्हाट्सअप या टेलीग्राम जैसी सेवाओं पर ग्रुप बनाएं जा सकते हैं।

सोशल मीडिया पर आप अपने ब्लॉग की नियमित पोस्ट शेयर करते रहें, जिससे आपके पाठकों को आप की वेबसाइट तक आने में सहूलियत होगी। साथ ही लोग आपके सोशल मीडिया लिंक्स को अपने मित्र परिचितों में शेयर करेंगे तो आपके ब्लॉग की प्रसिद्धि दिन रात निरंतर बढ़ती जाएगी।

 

सम्बंधित पोस्ट: Chat GPT क्या है और काम कैसे करता है?

 

ब्लॉग होस्टिंग के विभिन्न प्रकार:

यहाँ हम आपको बता रहे हैं की ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म कितनी प्रकार के हैं और उनपर कैसे काम किया जाता है। तो ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म मुख्यतः 2 तरह के होते हैं, जिनका वर्णन निम्नन प्रकार से हैं।

  1. होस्टेड ब्लॉग (Hosted Blog)
  2. सेल्फ होस्टेड ब्लॉग (Self Hosted Blog)

होस्टेड ब्लॉग – (Hosted Blog meaning in Hindi)

होस्टेड ब्लॉग (Hosted Blog) वह जरिया है जहाँ आप अपने ब्लॉग को बिना तकनिकी ज्ञान के चला सकते हैं। सर्वर और होस्टिंग सम्बंधित सभी चिंता उस कंपनी की होती हैं जहाँ से आप अपना ब्लॉग चलाते हैं। जैसे विक्स (Wix), वीब्ली (Weebly), वर्डप्रेस.कॉम (WordPress.Com) , गूगल की ब्लॉगर (Blogger) सेवा, Tumblr इत्यादि।

होस्टेड ब्लॉग्गिंग के लिए आपको उपरोक्त वेबसाइटो में से किसी एक पर अपना अकाउंट बनाना पड़ता हैं उसके बाद आप का ब्लॉग शुरू हो जायेगा। इन वेबसाइटो पर नया अकाउंट बनाना अपने आप में बहुत आसान है, ठीक वैसे जैसे आप फेसबुक ID बनाते हैं। आपको केवल अपनी बेसिक डिटेल देनी पड़ती हैं जैसे नाम, जन्मतिथि, ईमेल पता इत्यादि। होस्टेड ब्लॉग में कुछ फायदे और कुछ नुकसान होते हैं जिनका जिक्र हम निचे कर रहे हैं।

होस्टेड ब्लॉग के सकारात्मक पहलु (Pros of Hosted  Blog – in Hindi):

  • आप को सर्वर और वेब होस्टिंग की चिंता नहीं रहती, यह सेवा लगभग मुफ्त ही होती हैं।
  • ब्लॉग का ढांचा ( Blog Structure ) और SEO जैसी तकनिकी देखरेख करने की आवश्यकता ही नहीं होती।
  • स्टोरेज और डाटा की कोई पाबन्दी नहीं होती, अनलिमिटेड स्पेस प्राप्त होता है।

होस्टेड ब्लॉग के नकारात्मक पहलु (Cons of Hosted Blog – in Hindi):

  • आप का ब्लॉग पूर्णतः आपके नियंत्रण में नहीं होता , कुछ जरुरी कण्ट्रोल ब्लॉग होस्टिंग कंपनी के पास ही रहते हैं।
  • ब्लॉग की customization के सभी ऑप्शन ब्लॉगर के पास नहीं होते, मनपसंद प्लगइन और थीम्स इनस्टॉल नहीं किये जा सकते।
  • कुछ मामलों में आपके लिखे कंटेंट पर ब्लॉग होस्ट कंपनी का भी अधिकार होता है।
  • यूजर के पास SEO के भी सिमित ऑप्शन ही रहते हैं।

सेल्फ होस्टेड ब्लॉग – (Self Hosted Blog meaning in Hindi)

सेल्फ होस्टेड या स्वयं द्वारा होस्टेड ब्लॉग आपको अधिक स्वतंत्रता प्रदान करता है, आपका ब्लॉग और उसका कंटेंट पूर्ण रूप से आपके नियंत्रण में रहता है और आप उसके डिज़ाइन आदि में मन मुताबिक बदलाव कर सकते हैं। इसके लिए आपको Bluehost शेयर्ड होस्टिंग जैसी कोई वेब होस्टिंग सर्विस खरीदनी पड़ती है जिसका महीने भर का खर्च लगभग 200 रूपये से शुरू होता है और जरुरत के हिसाब से बढ़ता रहता है।

नए ब्लॉगर के लिए शेयर्ड होस्टिंग सेवा पर्याप्त है, यदि ब्लॉग पर ट्रैफिक बढ़ता है तो वेब होस्टिंग के पैकेज को भी अपग्रेड किया जा सकता है।

नई खरीदी गई होस्टिंग सर्वर पर आप WordPress.Org का सेल्फ होस्टेड रूप (Version) इंसटाल कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में 30 मिनट से ज्यादा का समय नहीं लगता। होस्टिंग प्रोवाइडर कम्पनी आजकल वर्डप्रेस का 1-Click-Install उपलब्ध करवाती हैं, जिससे सॉफ्टवेयर या कोडिंग के ज्ञान की कोई जरुरत नहीं रहती।

 

सेल्फ होस्टेड ब्लॉग के सकारात्मक पहलु (Pros of Self Hosted Blog – in Hindi):

  • ब्लॉग और उसका कंटेंट पूर्णतः आपके कण्ट्रोल में रहता है।
  • आपका ब्लॉग एक ब्रांड के रूप में विकसित होता है।
  • आप अपनी इच्छा अनुसार अपने ब्लॉग का SEO , Plugin और Theme बदल सकते हैं।
  • यदि आप ब्लॉग से पैसा कमाना चाहते हैं तो सेल्फ होस्टेड ब्लॉग पर मौद्रीकरण (Monetization) के बहुत से ऑप्शन खुल जाते हैं।
  • अपने ब्लॉग को आप एक होस्टिंग कंपनी से दूसरी पर आसानी से ट्रांसफर कर सकते हैं।

सेल्फ होस्टेड ब्लॉग के नकारात्मक पहलु (Cons of Hosted Blog – in Hindi):

  • ब्लॉग की सिक्योरिटी का इंतजाम आपको स्वयं करना होता है।
  • जिनका ब्लॉग ट्रैफिक कम हो उनके लिए होस्टिंग का खर्च बढ़ जाता है।
  • ब्लॉग के प्लगइन, थीम इत्यादि के अपडेट स्वयं करने पड़ते हैं।

इन 2-3 के अलावा सेल्फ होस्टेड ब्लॉग के कोई नेगेटिव पॉइंट्स हमारी नजर में नहीं हैं।

 

ब्लॉग शुरू करने सम्बंधित प्रश्न और उनके उत्तर।

 

नए ब्लॉग के लिए .COM डोमेन नाम लिया जाये या .IN?

डोमेन नाम की महत्ता भाषा और देश के हिसाब से बदलती रहती है. यदि आप हिंदी समेत किसी भी भारतीय भाषा में ब्लॉग बनाना चाहते हैं तो .IN सबसे बेहतर है. हालाँकि .COM की एक अलग अंतराष्ट्रीय पहचान है, पर फिर भी हिंदी ब्लॉग्गिंग के लिए .IN हमारी पसंद है. या फिर आप हमारी तरह .BLOG का चयन भी कर सकते हैं. कीमत के हिसाब से भी .IN सबसे सस्ता है, .COM मध्यम श्रेणी में है और .BLOG प्रीमियम श्रेणी का महँगा डोमेन नाम है

 

मैंने डोमेन पहले से रजिस्टर करवा रखा है, क्या मैं किसी अन्य वेब होस्टिंग सर्वर पर उसे इस्तेमाल कर सकता हूँ?

जी हाँ, आप अपना डोमेन नाम कहीं भी रजिस्टर कर सकते हैं और वेब होस्टिंग किसी अन्य कंपनी के सर्वर पर खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको अपने डोमेन रजिस्ट्रार के कण्ट्रोल पैनल में अपने डोमेन के DNS सेटिंग्स में NameServer बदलना होता है। उदहारण के लिए यदि आपने GoDaddy पर डोमेन रजिस्टर किया है तो आप Hostinger या Bluehost की वेबहोस्टिंग से अपने डोमेन को आसानी से जोड़कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

क्या सस्ती होस्टिंग से मेरे ब्लॉग की परफॉरमेंस पर फर्क पड़ेगा?

जी नहीं, दुनिया के 95% सफल ब्लॉग आज भी सस्ती शेयर्ड होस्टिंग पर ही चलते हैं। आप निश्चिंत होकर अपना ब्लॉग बनाएं। आपके ब्लॉग पर पाठकों की मासिक संख्या 1 लाख या उससे अधिक हो जाने पर ही आपको उच्च होस्टिंग की जरूरत पड़ेगी। हमने भी हमारी ब्लॉग यात्रा Bluehost से शुरू की थी और आज भी हमारे अधिकतर ब्लॉग उसपर ही चलते हैं.

 

ब्लॉग बनाने के कितने दिन बाद वह गूगल में दिखना शुरू होगा?

कोई निर्धारित समय नहीं है की गूगल रिजल्ट्स में नया ब्लॉग कितना जल्दी दिखना शुरू होगा. फिर भी औसत 5-10 दिन में वह गूगल परिणामों में दिखना शुरू हो जाता है. यह आवश्यक नहीं की वह पहले पेज पर दिखे, हो सकता है कि आपका नया ब्लॉग गूगल के दसवें पेज पर हो. आप केवल मन लगा कर अच्छे स्तर का लेखन करते रहें, धीरे-धीरे आपका ब्लॉग स्वतः ही शुरू के गूगल परिणामों में आने लगेगा।

 

ऊपर बताया गया तरीका मुझे कठिन लग रहा है, क्या कोई और तरीका भी है ब्लॉग बनाने का?

यदि आपको लगता है की उपरोक्त तरीका थोड़ा कठिन है तो आप होस्टेड ब्लॉग सेवा खरीद सकते हैं जहाँ आपको टेक्निकल पार्ट की चिंता से मुक्ति मिलती है। आपको केवल लिखने पर ध्यान देना होता है बाकी सब कार्य होस्टेड ब्लॉग कंपनी करती है। ऐसी सेवा Blogger, Wix , Weebly या WordPress.Com से ली जा सकती है। ये सेवा मात्र 29 रूपये प्रति माह से शुरू होती हैं।

 

सार:

हमारा मानना है की शुरुआती प्रयोग और सिखने के लिए तो आप किसी भी फ्री होस्टेड ब्लॉग सेवा पर अपना ब्लॉग बना सकते हैं, पर यदि आप सीरियस ब्लॉगर हैं और आपको अपने ब्लॉग की सर्च इंजन रैंकिंग (SEO) और परफॉरमेंस को नियंत्रण में करना हैं तो वेब होस्टिंग सेवा खरीद कर अपना स्वयं का होस्टेड ब्लॉग बनाएं।

सेल्फ होस्टेड वर्डप्रेस पर बने ब्लॉग आसान होने की वजह से आजकल सबसे अधिक चलन में हैं, सो आप भी कोशिश करें की आपका ब्लॉग भी आपके वेब होस्टिंग (Web Hosting) सर्वर पर WordPress पर ही बना हो।

शुरू में आप अपना ब्लॉग किसी मुफ्त होस्टेड साइट पर भी बना सकते हैं और जैसे ही पाठक और ट्रैफिक बढ़ते हैं वैसे ही आप अपने ब्लॉग को भी स्वयं द्वारा होस्टेड (Self-Hosted) प्लेटफार्म पर स्थानांतरित (Migrate Blog to Self-Hosted WordPress) कर सकते हैं।

ब्लॉग बनाने की इस विधि में हमने प्रयत्न किया है की विषय को सरल रखा जाए और आपकी आवश्यकता की भी पूर्ति हो जाए।आप सपने सुझाव और प्रश्न निचे कमैंट्स में लिख कर हम तक पहुंचा सकते हैं। आपको एक सफल ब्लॉग बनाने में यदि यह पोस्ट मददगार साबित होती है तो कृपा कर अपने मित्रों के साथ शेयर भी करें।

 

 

Source :- https://hindi.blog/start-new-blog/

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